इस किताब में हमारे पड़ोसी देश थाईलैंड की यात्रा का सजीव चित्रण पाएँगे। लगेगा मानो आप कोई मूवी देख रहे हों। लेकिन उससे भी ज्यादा आप इसमें एक वैचारिक यात्रा का भी आनंद लेंगे। एक ऐसी विचार यात्रा जो जितनी विस्तृत है उतनी ही उन्मुक्त है और उतनी ही ईमानदार। किताब की विषय सूची पढ़कर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि लेखक ने इस किताब में उन विषयों को कितने खुलेपन के साथ उठाया और व्यक्त किया है जिनपर बात करते हुए भी कई लोग संकोच करते हैं।