कुवंर वियोगीजी की प्रस्तुत रचना ‘‘टोना मन्हास’’ वियोगी जी के तीन पूर्ण व तीन अपूर्ण उपन्यास एक अपूर्ण नाटक प्रस्तुत है। चित्र व नक्षे कुंवर वियोगी द्वारा बनाये गए हैं। पेन्सिल से बनाये चित्र व कागज समय के साथ धूमिल होते जा रहें हैं। उपन्यास की कथा वस्तु स्थान वातावरण की स्पष्ट योजना के प्रमाण स्वंय द्वारा चित्रित नक्षे हैं । कुंवर वियोगी जी के तीन उपन्यास - मना दा कारावास; उयै कज्जले दी लीकर .झुंड सलक्खनी सारे इरखी झूठे व एक नाटक - चांण्डाल चैकड़ी प्रारम्भिक अवस्था में है। यदि कोई पाठकगण इन्हे पूरा करना चाहता है तो वह सादर आमंत्रित है। एक फस्र्ट क्लास आदमी. डोगरी व अंग्रेजी में कहानी संग्रह है। इसमें 24 डोगरी व ’ अंग्रेजी में कहनीयां है। सुषमा व तवी में किशोरावस्था से कहानीयां प्रकाशित होने लगी थीं। कुवंर वियोगी की रचनायओं के अध्ययन से उनकी विचार क्षमता अभिव्यक्ति भाषा प्रयोग में उनकी सक्षक्ताव प्रभावी होना मालूम होता है।