*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.
About The Book
Description
Author
तू ही बता में प्रेम रहस्यवाद और सामाजिक विषयों को लेकर 178 लघु कविताएँ हैं | लघु आकार की ये कविताएँ किसी ग़ज़ल के शे'र की तरह दिल पर छाप छोडती हैं | कवि की भाषा सरल और सरस है | उर्दू शब्दावली का भी विषयानुरूप प्रयोग हुआ है लेकिन इससे कविताएँ बोझिल नहीं होती यही इसकी विशेषता है |