8000 ईसा पूर्वपशुपति एक इक्कीस वर्षीय युवक जो अंगिरा का शिष्य है वह अपने पिता के साथ एक पर्वतीय क्षेत्र में रहता है। उसके पिता एक निर्वासित सिंधुस्वती साम्राज्य के सैनिक हैं जो उसे अपने एक प्रतिशोध के विषय में बताते हैं। फिर उनकी भेंट इंद्र से होती है जिनसे मिलकर उसके पिता का प्रतिशोध उसका अपना व्यक्तिगत हो जाता है जिसका सीधा सम्बन्ध है दारा नाम के एक व्यक्ति से जो सिंधुस्वती का सम्राट है। दुर्भाग्यवश वह दारा द्वारा बंदी बनाया जाता है। वह उसे उसके पिता व इंद्र की वास्तविकता बताता है जिससे पशुपति की एक नई यात्रा आरंभ होती है। क्या वह एक बिखरे हुए साम्राज्य को बटोर कर महादेव बन पायेगा या खुद बिखर जायेगा?3000 ईसा पूर्वमनु ब्रह्ममुञ्ज जो एक सौम है उसका पुत्र है। उसकी माता विपश्यना जो किसी प्रतिशोध के लिए सिंधुस्वती में आयी है। एक दिन किसी दुर्घटना में विपश्यना व उसके गर्भ में पल रहे शिशु की मृत्यु हो जाती है जिससे ब्रह्ममुञ्ज टूट जाता है किन्तु एक दिन उसकी हत्या हो जाती है और मनु विपत्तियों से घिर जाता है। उसे अब सिंधुस्वती को त्रास से मुक्त कर उन सबसे प्रतिशोध लेना है लेकिन उसके शत्रु विश्व के सबसे शक्तिशाली योद्धा हैं जिन्हें परास्त करने के लिए उसे महादेव पशुपति के खोए हुए त्रिशूल को ढूंढ़ना होगा। क्या वह अपने लक्ष्य में सफल होगा?2023 मेंवेद मनु का वंशज है जिन्होंने जलप्रलय से सिंधुस्वती की प्रजा की रक्षा की थी। उसके पिता वेदांत जो उसे उसकी वास्तविकता बताने का प्रयास करते हैं किंतु वह अपनी वास्तविकता को स्वीकार नहीं करता पर उसके जीवन में कुछ अशुभ घटनायें घटित होती हैं व बुरे स्वप्न उसे डराते हैं जो उसके पूर्वजों के अतीत से जुड़े हैं। इसी समय एक अनिष्ट घटना धरती पर कदम रखती है। क्या वेद उसे रोकने में सफल होगा या फिर से वही घटना दोहराई जाएगी जिससे सिंधु सभ्यता का विनाश हो गया था। और ये तीनों काल की कहानियां जुड़ी हैं त्रिशूल से.....