हरजीत सिंह “तुकतुक” एक अंतर्रष्ट्रीय कवि वक्ता लेखक और आविष्कारक हैं। तुकतुक 1989 से कविताएँ लिख रहे हैं। तुकतुक ने पहली बार मंच को नमन 1991 में किया था। तब से तुकतुक अट्टहास चकल्लस फुलझड़ी एक्सप्रेस वाह वाह क्या बात है जैसे सैकड़ों मंचों पर कविता पढ़ चुके हैं।तुकतुक ने अपना मीडिया का सफर आकाशवाणी नजीबाबाद और आकाशवाणी बरेली से शुरू किया था। उसके बाद उन्हें दूरदर्शन पर कविता पाठ करने का मौका मिला। तत्पश्चात् उन्होंने SAB TV NDTV ETV सहित अनेकों भारतीय तथा अंतर्राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर कविता पाठ किया। तुकतुक की कवितायें कई किताबों (हँसता खिलखिलाता कवि सम्मेलन हास्य कवियों की व्यंग्य बौछार गुदगुदी एक्सप्रेस हंगामा एक्सप्रेस) अखबारों (जनसत्ता अमर उजाला) और वैब पत्रिकाओं (अनुभूति हिंदी नेस्ट) में प्रकाशित हुई हैं।सन् 2000 में जीवन ज्योति संस्थान ने तुकतुक को हास्य सम्राट की उपाधि से सम्मानित किया। सन् 2016 में विश्व हिंदी न्यास ने अमरीका बुला कर तुकतुक का सम्मान किया। 2020 में तुकतुक को विश्व हिंदी ज्योति भूषण के सम्मान से अलंकृत किया गया।