TUM KAUNSI PATI PADHE HO LALA (Novel)
shared
This Book is Out of Stock!

About The Book

आचार्य राजेश कुमार का उपन्यास ''तुम कौन-सी पाटी पढ़े हो लला'' पहली दृष्टि में एक सरल सी प्रेम कहानी लगती है लेकिन जैसे-जैसे पाठक इसमें डूबता है उसे यह अनुभव होता है कि यह कहानी प्रेम के नाम पर लुटती भावनाओं बिखरते भरोसे और टूटते सपनों की कथा है जो हमारे समय का कड़वा सच कहने का दुस्साहस करती है। यह केवल एक प्रेम कहानी नहीं बल्कि आधुनिक प्रवासी जीवन की विडंबनाओं और मानवीय रिश्तों की जटिलताओं को गहराई से छूती है। उपन्यास अपने भीतर जीवन की जटिलताओं विस्थापन की पीड़ा प्रेम की विफलताओं और सामाजिक विरोधाभासों को समेटे हुए है।राजेश कुमार की यह कृति उस युवा पीढ़ी की कहानी है जो अपनी धरती छोड़ अपने सपने सजाने विदेश जाती है और वहाँ न केवल भौगोलिक बल्कि मानसिक और भावनात्मक विस्थापन का भी शिकार होती है। ...रोहित कुमार हैप्पी
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.
374
499
25% OFF
Paperback
Out Of Stock
All inclusive*
downArrow

Details


LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE