‘तुमसे किसने पूछा’ सामाजिक घटनाओं और लेखक के खुद के अनुभवों पर आधारित कहानी संग्रह है। ग्यारह कहानियों के माध्यम से लेखक ने समाज की कड़वी सच्चाई को कलमबद्ध करने की कोशिश की है। अधिकतर कहानियाँ कल्पनाओं से परे आज के यथार्थ के साथ आगे बढ़ती हैं लेकिन कुछ में यथार्थ और फैंटसी का संश्लिष्ट सम्मिश्रण मिलता है। कृष्णा और कुम्हैड़ी कहानियाँ आज की क्रूर तथा नृशंस सामाजिक वास्तविकता को हृदय को दहलाने वाले ढंग से व्यक्त करती हैं; वहीं तुमसे किसने पूछा समय लकड़हारा तथा फेकुआ हरामी कहानियाँ यथार्थ के साथ ही साथ कल्पनाओं की फैंटसी लिए हुए आगे बढ़ती हैं। उस्मान खान की इन कहानियों में विषयवस्तु की दृष्टि से भी विविधता है। इन कहानियों की सबसे बड़ी विशेषता इनका आपके आस-पास का होना है।