ये किताब हर व्यक्ति के जीवन से जुड़ी हुई है और उसका आधार है हमारे कर्म क्योंकि कर्म ही हैं जो हर मनुष्य के भविष्य और वर्तमान को तय करते हैं। हमें अपने कर्मों को सबसे पहले महत्व देना चाहिए क्योंकि हम जो भी करते है शायद भूल जाएं लेकिन कर्मा सबका हिसाब रखता है और उसे ही हमारे सामने लेकर आता है।