हरिवंश राय बच्चन ईरान के इस बोहेमियन महाकवि के जादू से नहीं बच सके। बच्चन जी की मुलाक़ात उमर ख़ैयाम की रूबाइयो से फारसी भाषा में नहीं हुई। वह उमर खैयाम से फिट्ज जेराल्ड के अनुदित अंग्रेज़ी रूप के माध्यम से मिले थे। बच्चन जी ने उमर खैयाम की रूबाइयों को नए अंदाज में हिन्दी रूपांतरण के साथ दिया है जो पूर्णत: काव्यमय रूपांतरण है।