‘उनींदे द्वार पर दस्तक’ संध्या सिंह द्वारा विभिन्न विधाओं में रची गई रचनाओं का काव्य संकलन है। सन्ध्या सिंह का यह काव्य संग्रह छंद और संगीत दोनों दृष्टियों से उच्च कोटि का है। इसमें प्राचीन छंदों के प्रयोग के साथ-साथ नवीन छंदों का भी निर्माण किया गया है मुक्तक छंद और अतुकांत कविताएँ भी लिखी गई हैं। गीतिकाव्य के सभी गुण संक्षिप्तता तीव्रता आत्माभिव्यंजना भाषा की मसृणता आदि उपलब्ध हैं। कुल मिलाकर देखें तो ‘उनींदे द्वार पर दस्तक’ अनुभूतिप्रधान काव्य है। इसमें सामान्य वर्णन किसी घटना तथ्य या भाव का न होकर कवि की अनुभूति के माध्यम से प्रकट होता है। अतः उसका तीव्र प्रभाव पड़ता है। इसके तहत कवियत्री की आत्मा और भावनाएँ झाँकती हैं।