***** उषाकिरण किस्सों की खान*****पद्मश्री ‘उषाकिरण खान’ इस नाम को भला कौन नहीं जानता पर इस नाम के पीछे की कहानी इस नाम के बनने की कहानी इस नाम का रहस्य इस नाम का एक खूबसूरत मूल्यांकन! साहित्य में उनके संघर्ष और अपने संघर्षमयी कलम से समाज का मार्गदर्शन भला इनसे बेहतर कौन कर सकता है !!कौनसे-कौनसे साहित्यिक सम्मान नहीं मिले हैं इन्हें! परंतु वाणी की मधुरता में माँ सरस्वती साक्षात विराजमान रहती हैंI मैथिली हो या हिंदी दोनों में साहित्य को एक जीवन देती हुई इनकी संघर्षमयी जीवन यात्रा!इन्हीं सभी खूबसूरत और संघर्ष से भरी यादों का एक नायाब संगम है !! “उषाकिरण किस्सों की खान” !! प्रलेक प्रकाशन समूह द्वारा प्रकाशित इस महान धरोहर की रचयिता हैं आदरणीय “गीताश्री जीI” करीब 60 सालों के इस महान साहित्यिक जीवन को पुस्तक के रूप में पिरोना बहुत ही मुश्किल काम है और यह काम किया है साहित्य बहुमुखी प्रतिभा से सम्पन्न गीताश्री जी नेI इनसे बेहतर मूल्यांकन भला कौन कर सकता हैI आदरणीय गीताश्री जी ने जिस लगन से इस पुस्तक पर काम करके पाठकों को समर्पित किया है उसे जानने के लिए आपको इस पुस्तक को पढ़ना होगाI