वह लड़की कहाँ गई’? उत्तर आधुनिक वरिष्ठ उपन्यासकार कवि और कथाकार डाॅ0 राघवेन्द्र नारायण सिंह का छठाँ कहानी-संग्रह है। पूर्ववर्ती कहानी संग्रहों ‘प्लीज बिहेव योरसेल्फ’ ‘मिट्टी का मकान’ एक दार्शनिक की चूक’ ‘खामोश’ ‘नीली झील’ के लेखक राघवेन्द्र नारायण सिंह की कथा-लेखन में अपनी विशिष्ट शैली है। उनकी कहानियों में कथ्य और शिल्प का अनूठा सम्मिश्रण उन्हें लोकप्रिय कहानीकार बनाता है। उन्होंने अपनी कहानियों में मनोवैज्ञानिकता का समावेश करते हुए मनुष्य और उसके परिवेश तथा उसके जीवन की जटिलताओं को रोचकता के साथ अभिव्यक्ति प्रदान करने की कोशिश की है। ‘वह लड़की’ कहाँ गई?’ मैं उनकी ताजातरीन बारह कहानियाँ संकलित हैं जो विभिन्न विषयों पर केन्द्रित हैं।