प्रस्तुत पुस्तक में लेखक की रचनाओं को अ ब और स तीन खण्डों में विभाजित किया गया है। खण्ड अ और ब में देशभक्ति एवं समसामयिक विषयों पर हिन्दी में लिखी गई रचनाएँ एवं खण्ड स में छत्तीसगढ़ी में लिखी गई रचनाओं को सम्मिलित किया गया है। स्व. श्री महेन्द्र प्रताप सोम की बिखरी हुई रचनाएँ “वनांचल की आवाज“ रूपी एक गुलदस्ता के रूप में शुधि पाठकों एवं शुभचिंतकों को समर्पित है।