अभिनन्दन अभि रसमय विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी हरिद्वार की व्यवसायिक उपनगरी ज्वालापुर के निवासी हैं। इनका जन्म 14-4-1956 को एक समभ्रान्त परिवार में वैद्य पद्म चन्द्र गुप्ता जी के चतुर्थ पुत्र के रूप में हुआ आप पाँच भाई व एक बहन हैं। अभिनन्दन अभिरसमय ने बी.काॅम मेरठ यूनिवर्सिटी से एवम् अदीब माहिर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय संगीत प्रभाकर प्रयाग संगीत सम्मेलनप्रयागराज से सम्पन्न कीआप आकाशवाणी नई दिल्ली व आ. नजीबाबाद के आर्टिस्ट रहे। यह चौथी पुस्तक भावों की भागीरथी जो पूरी दुनिया में प्रकाशित हो चुकी है। इनको अनेक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है आप राजनीती एवं सामाजिक गतिविधियों में बराबर रूचि रखते हैं। साथ ही साहित्यिक राजनीतिक तथा सामाजिक गतिविधियों में समान रूप से सुरुचिपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते हुऐ बराबर सक्रीय हैं । यह आपकी पाँचवी पुस्तक है गद्य रूप में पहली पुस्तक वासना या प्यार पूरी दुनिया में प्रकाशित हो चुकी है । साथ ही देश की विभिन्न प्रतिष्ठित पत्रिकाओं व साझा संकलन में रचनाओं का प्रकाशन समय समय-समय पर होता रहता है। आप ने भजन गीत ग़ज़लदोहेलघु कथाऔर अब गद्य रचना करके अपने लेखन कार्य को निरन्तरता प्रदान की है।