*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.
About The Book
Description
Author
धोत्रे जमील से कहता है कदम साहब का काम सोच समझ कर करना उनका नाम सुना है नाबोलते कम हैं ठोकते ज्यादा है!! वह पिस्टल का इशारा करता है !! धोत्रे कहता है अभी तुम दोनो कांदिवली चारकोप में जाओगे वहा भरत इंडस्ट्रीज में जा के बोलना बड़े साहब ने भेजा है वो पैकेट दे दो और उधरिच कितना है वो गिन के लेने का वरना ये साले बहुत हरामी होते हैं 10 बोलेंगे नौ डालेंगे साहब अपनी बजाते हैं भरत का नंबर लिख ले !! वह नंबर लिखता है