वो खंडहर हज़ारो सालो से वीरान थे. जहाँ पर जा कर इंसानी जिंदिगी अपना दम तोड़ देती थी. जहाँ बरसो से इंसानी जिंदिगी का नामोनिशान मौजूद नहीं था. वो उन्ही वीरान खंडहरों के पास एक लड़की से टकराया था जिस से मिल कर उसे ऐसा लगा जैसे कि वो उस लड़की को सदियों से जानता है. आखिर कौन थी वो. और सब से बड़ा सवाल कि वो कौन था. इंसान और जिन्नात कि ऐसी दास्तान जो आप को सोचने पर मजबूर कर देगी कि आखिर इन दोनों मखलुकों मे ताकतवर कौन है. आखिर क्या था उन वीरान खंडहरों का रहस्य. क्या वो सिर्फ वीरान खंडहर थे. या फिर वो दूसरी दुनिया तक पहुंचने का द्वार थे. कौन थी वो....?और कौन था वो......? इंसानों और जिन्नो की ऐसी दास्तान जो आप के रोंगटे खडे कर देगी और किताब का एक पन्ना पन्ना आप को पड़नें को मजबूर कर देगी..बिलकुल एक अलग एक नई तरह की कहानी जिसे आप सालो साल भूल नहीं पाएंगे