रानी लक्ष्मी बाई के विषय में बहुत कुछ लिखा गया है। मगर रानी के जीवन में प्रमुख भूमिका निबाहने वाली झलकारी बाई के बारे में कम ही देखने को मिलता है। एक गरीब परिवार में जन्मी झलकारी बाई अपने कौषल और संस्कारों के बल पर कैसे आगे ही आगे बढ़ती जाती है वह अविष्वसनीय सा लगता है। नाटक कुछ एंतिहासिक तथ्यों पर आधारित है और कुछ झलकारी बाई के व्यक्तित्व को दृष्टि में रखते हुए की गई कल्पनाओं के आधार पर। झलकारी बाई आदवासी थीं। और रानी लक्ष्मी बाई के विषय में सब जानते हैं। दोनों में जो ताल-मेल देखने को मिलता है वह प्रमाणित करता है रानी लक्ष्मी बाई सभी धर्मों का आदर सम्मान करती थीं। प्रमुख तोपची थे गौस खान और उनके संग पूर्णसिंह जो स्वयं आदिवासी थे और बाद में उनका विवाह झलकारी बाई से हुआ। रानी ने इन सब को इनके कौषलों के कारण ही प्रमुख पद दिये।