नरेन्द्र कोहली हिंदी के जाने माने व्यंग्यकार हैं। इनकी लेखनी की मार सहलाती है तो सालती भी है। कटाक्ष करती है तो रह-रहकर चुभन भी पैदा करती है। कोहली के पास विराट दृष्टि है अनुभवों का खजाना है और एक सशक्त कलम है। इन तीनों के मिश्रण से उपजा है यह व्यंग्य संग्रह जिसे आप बार- बार पढ़ना चाहेंगे और सहेज कर रखना भी ।