वे कौन से मुख्य कारक हैं जो भारत में चुनाव जीतने या हारने की वजह बनते हैं? क्या यह सत्ताविरोधी युग का अंत है? क्या ओपिनियन पोल एक्ज़िट पोल विश्वसनीय हैं? क्या भारतीय महिलाओं का मत चुनाव में माने रखता है? क्या चुनावों में उम्मीदवारों का चयन नतीजों को प्रभावित करता है? क्या इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है (ईवीएम)? क्या भारतीय चुनावों को ‘एक जुगाड़ का तंत्र कहा जा सकता है| About the Author प्रॉनॉय रॉय सन् 1980 के दशक से ही भारत में चुनावी विश्लेषण के पर्याय रहे हैं। वह ओपिनियन पोल को उसके वर्तमान स्वरूप में लाने के लिए मशहूर रहे हैं जो चुनावी नतीजों का पूर्वानुमान लगाता है और भारतीय मतदाताओं और राजनेताओं के बीच कभी प्यार तो कभी आक्रोष के संबंधों की व्याख्या करता है। रॉय और उनकी पत्रकार पत्नी राधिका रॉय एनडीटीवी के संस्थापक हैं जिसे कई सालों तक भारत के सबसे विश्वसनीय मीडिया ब्रांड का अवॉर्ड मिलता रहा है। वह दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में पीएचडी हैं एक योग्यता-प्राप्त चार्टर्ड अकाउंटेंट(इंग्लैंड और वेल्स) और वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सलाहकार रहे हैं|