मुझे हिमांशु जोशी उन इने-गिने कथाकारों में लगते हैं जिनकी रचनाओं में मार्मिकता ही नहीं वैचारिक गहनता भी है। गत पांच दशकों से उनकी रचनाओं को चाव से पढ़ रहा हूं पर उन्होंने कभी मुझे निराश नहीं किया। उनकी यथार्थपरक रचनाशीलता समरसता स्वाभाविकता विषयवस्तु की सघनता एवं विशालता देखकर मैं अभिभूत रहा हूं।<br>- चंद्रकांत केणी कोंकणी कथाकार (साहित्य अकादमी से पुरस्कृत)