मैं ममता सिंह देवा भारत से पाॅटरी एण्ड सिरामिक से मास्टर्स करने वाली पहली महिला हूं। मिट्टी के साथ शब्दों को भी गढ़ती हूं। मेरा पहला काव्य संग्रह गढ़ते शब्द प्रकाशित हो चुका है। मैं पीड़ा (प्रकृति स्त्री और समाज) को शब्द देती हूं और पीड़ा अभिव्यक्ति विद्रोह कहलाती है। मेरा दूसरा काव्य संग्रह विद्रोह शब्दों का आप सबके पाठन के लिए संग्रहित होकर आपके समक्ष उपस्थित है।