आज जब जीवन का प्रत्येक क्षेत्र विज्ञान से प्रभावित है तो फिर समकालीन कविता इससे प्रभावित नहीं हो यह कैसे हो सकता है? विज्ञान अगर ''प्रयोग'' है तो कविता ''योग'' है। और विज्ञान-कविता इसी योग और प्रयोग का संशलिष्ट संयोग है। वैज्ञानिक चेतना से लैस अनेक कवियों ने इस बीच अपनी रचनात्मकता और समय सापेक्ष सतर्कता से विज्ञान को कविता में नागरिकता देने का महती और महनीय कार्य किया है। विश्व विख्यात व्यक्तित्व और वरिष्ठ विज्ञान कवि पंडित सुरेश नीरव ने देश के कुछ ऐसे ही चुनिंदा कवियों की विज्ञान कविताओं का जो संग्रहण और संपादन किया है उसकी ही सार्थक उपलब्धि है यह काव्य संग्रह- ''विज्ञान कविताएं'' जो निश्चित ही शोधोत्सुक जिज्ञासुओं के लिए भविष्य में एक प्रामाणिक दस्तावेज सिद्ध होगा।