युवा आलोचक-व्यंग्यकार एम. एम. चन्द्रा पेशे से अध्यापक हैं । वे समीक्षा आलोचना व्यंग्य लेखन और व्यंग्य-आलोचना में न सिर्फ मुस्तैदी के साथ सक्रिय हैं। बल्कि इसमें पूरी तरह रच बस गये हैं। लेखक की रचनाएं देशबंधु अमर उजाला जनवाणी रांची एक्सप्रेस दैनिक ट्रिब्यून वीर-अर्जुन सुबह सवेरे आलोकपर्व जनसन्देश हंस समावर्तन विभोम स्वर और व्यंग्य यात्रा इत्यादि पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। देश की प्रतिष्ठित खेल पत्रिका क्रिकेट टुडे में इनका व्यंग्य कॉलम 'गुगली' नियमित रूप से आ रहा है। व्यंग्य की प्रतिष्ठित पत्रिका 'अट्टहास' के तीन अंकों (आलोचना विशेषांक) का सम्पादन। साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे- कहानी लघु उपन्यास आलोचना व्यंग्य-आलोचना व्यंग्य नाटक और कॉमिक्स इत्यादि क्षेत्रों में भी इन्होंने लेखन किया है। लेखक की ऐतिहासिक विषयों पर 'सिंहासन बत्तीसी' 'सम्राट अशोक' 'हरदयाल पुस्तकालय के 150 वर्ष' नामक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। 'सम्राट अशोक' पर लिखा गया लघु उपन्यास हिंदी गुजराती और मराठी भाषा में प्रकाशित हो चुका है और अन्य कई भाषाओं में भी अनुवाद जारी है। लेखक की दो अनुवादित पुस्तकें 'रचनात्मक नेतृत्व' और 'शाही परिवार की प्रेम कहानी' भी प्रकाशित हुई हैं। समसामयिक विषय पर ‘डोनाल्ड ट्रम्प' भी पाठकों के सामने आ चुकी है। लेखक की यह 18 वीं पुस्तक है। उनकी व्यंग्य से सम्बन्धित कई योजनाएं पूरी हो चुकी हैं जो जल्द ही पाठकों के सामने होंगी। उन्हीं योजनाओं के अंतर्गत एम. एम. चन्द्रा द्वारा सम्पादित पुस्तक 'व्यंग्य के नवस्वर' आपके हाथों में है।