''वे तीन'' फ़ोमा गोर्देयेव के बाद गोर्की का दूसरा उपन्यास है जो 1900 में प्रकाशित हुआ। इस उपन्यास में गोर्की ने क्रान्ति से पहले के रूस का जीवन के अन्यायों के विरुद्ध निष्क्रिय प्रतिरोध की निरर्थकता का चित्रण किया है। इस उपन्यास के तीनों नायक अलग-अलग तरीकों से अपने आपको जीवन के क्रूर बन्धनों से छुड़ाना चाहते हैं।.