कविता उन्मुक्त होती है और इन्हें सारे ‘वादों’ से परे उन्मुक्त और निर्वाध रखना चाहिये- एक शिशु की मुस्कान की तरह एक ऋषि के ध्यान की तरह या फिर एक नन्हे पक्षी की उड़ान की तरह। -- बिनोद कुमार दास का जन्म बिहार के मधुबनी जिला में काको नाम के गाँव में हुआ। प्राथमिक शिक्षा वहीं हुई। मैट्रिक और इंटर की पढाई दरभंगा से हुई। आगे उन्होने आई. आई. टी. खड़गपुर (IIT Kharagpur) से मेकैनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली। इसके बाद उन्होने जमशेदपुर में टाटा स्टील को ज्वाइन किया। वहां अड़तीस साल तक सेवारत रहने के बाद वाइस प्रेसिडेंट के पद से सेवा निवृत हुए। उनका विवाह पूनम रानी दास के संग हुआ। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं। अभी वे जमशेदपुर में रह रहे हैं।