...मेहनतकश आम आदमी के न्याय के लिए लिखी गयीं कविताएं पूरी व्यवस्था को प्रश्नांकित करती हैं। वे चाहे नेता हों भारतीय राजनीति हो या सम्पूर्ण न्यायतंत्र किरण काशीनाथ की कविताएं सच्चाई की बानगी हैं। आजादी के मायने तथा राष्ट्र एवं राष्ट्रद्रोह को ‘सवाल-जवाब’ के जरिए गंभीर मुद्दों के साथ कविता प्रस्तुत होती है। धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में कौमी नफ़रत एवं ‘मेरा भारत महान’ के नारों के उद्घोष के द्वंद्व यथार्थ और ढकोसलों को इनकी कविताएं बेनकाब करती हैं। जातिगत राजनीति धर्म-श्रेष्ठता की कट्टरता और जाति की सच्चाई एवं इनके परिणामों से रू-ब-रू करातीं कव्योक्तियाँ कविता की महत्ता को रेखांकित करती हैं।---राम चन्द्र