प्रस्तुत ‘योग के मूलभूत सिद्धान्त’ पुस्तक को पांच इकाई में विभाजित किया गया हैI पुस्तक के प्रथम इकाईमें योग का इतिहास और उसके विकास क्रम विभिन्न ग्रंथों के अनुसार योग का अर्थ व परिभाषाआधुनिक युग में योग की प्रासंगिकता और सीमाओंयोग के उद्देश्यव लक्ष्य का भी निरूपण करते हुएयोग के क्षेत्र में व्याप्त भ्रान्तियों का निवारण किया गया है।