प्रस्तुत पुस्तक पारंपरिक एवं लोकप्रिय स्वास्थ्य विषय योगाभ्यास एवं प्राणायाम को एक अनूठे रूप में प्रस्तुत करती है। आधुनिक युग के तनाव एवं भागदौड़ से भरे जीवन में अधिकतर लोग अपने स्वास्थ्य का उचित रूप से ध्यान नहीं रख पाते हैं और उसकी उपेक्षा करते रहते हैं। इसके परिणामस्वरूप वे छोटी-बड़ी कई बीमारियों के शिकार बन जाते हैं और समय अथवा धन के अभाव के कारण उनका सही निदान नहीं करवा पाते। इस पुस्तक की मदद से पाठक अपने घर में ही युगों-युगों से आजमाई गई योगासन एवं प्राणायाम की क्रियाएँ सीख सकते हैं और उनके नियमित प्रयोग द्वारा अपने संपूर्ण स्वास्थ्य को उत्तम बना सकते हैं। पुस्तक पाठकों को उनके शरीर हृदय एवं स्वास्थ्य से परिचय बढ़ाने के लिये प्रेरित करती है तथा साथ ही अधिक स्वस्थ शांत व एकाग्रचित रहना सिखाती है। पुस्तक सभी प्रमुख योग-मुद्राओं एवं उनके लाभों और उपचार क्षमताओं से परिचित करवाती है। पुस्तक में प्रायः सभी प्रमुख योगाभ्यास उचित विस्तार में स्पष्ट निर्देशों एवं चित्रों के साथ समझाए गए हैं। पुस्तक विद्यालय एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं अन्य जिज्ञासु पाठकों के लिए बहु-उपयोगी है। प्रमुख योगासन प्राणायाम मुद्रा एवं बंध पुस्तक में उचित विस्तार में उनके विभिन्न चरणों एवं लाभों के साथ वर्णित हैं। साथ-ही विभिन्न शैक्षिक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न भी हल-सहित पुस्तक के अंत में समायोजित हैं। आशा है कि पुस्तक योग विषय पर एक उत्कृष्ट कृति सिद्ध होगी।