प्रस्तुत पुस्तक में महाभारत और आर्य विद्वानों के व्याख्यानों के आधार पर सरल हिंदी पद्य में श्रीकृष्ण जी के ऐतिहासिक पावन एवं अनुकरणीय चरित्र का चित्रण किया गया है। इस पुस्तक के श्रीकृष्ण जी कोई चमत्कारिक परा मानव माखन चोर स्नान करती हुई स्त्रियों के वस्त्र चुराने वाले राधा और गोपियों के साथ रास रचाने वाले छलिया और रसिया नहीं अपितु एक आदर्श चरित्रवान महापुरुष अप्रितम योद्धा अदम्य साहसी कुशल राजनीतिज्ञ चतुरवक्ता वेद वेदांगों के प्रकाण्ड पंडित महान योगी और विशुद्ध ऐतिहासिक महानायक हैं। इस पुस्तक में महाभारत विषयक अनेक शंकाओं एवं भ्रांतियों जैसे कि द्रोपदी के पांच पति गांधारी के सौ पुत्र आदि का तार्किक एवं युक्तियुक्त समाधान प्रस्तुत किया गया है। संक्षेप में यह पुस्तक; न्याय नीति धर्म कर्म तथा ज्ञान और विज्ञान का अद्भुत सम्मिश्रण है।