योगिराज श्रीकृष्ण कोई सामान्य व्यक्ति नहीं अपितु साक्षात् परम ईश्वर हैं जिन्होंने इस धराधाम में अवतार लिया। वे पिता वसुदेव और माता देवकी के पुत्र हैं इनका लालन-पालन यशोदा और नंद ने किया।<br>श्रीकृष्ण सोलह कलाओं से सम्पन्न राग-विराग की भावना से पूर्ण एवं विरुद्ध स्थितियों में संतुलित रहने की प्रेरणा देने वाले दूरदर्शी व क्रांतिदर्शी महामानव होने के साथ-साथ महाभारत व भगवद्गीता के प्रतिपाद्य हैं।