इस उपन्यास में संसार के सबसे भयानक युद्ध की भीषणता का वर्णन है। इसमें युयुत्सु ने भविष्य के परमाणु युद्ध का संकेत देते हुए विरोध भी जताया है। योगीराज श्रीकृष्ण की अनंत कथा भी इस उपन्यास में है जो अनेक प्रश्न उठाती है और समाधान करती है। इस उपन्यास की कथावस्तु धाराप्रवाह एवं भाषा बेहद रोचक है|