ये कहानी एक बेरोजगार नौजवान और उसके जिगरी दोस्त की है। दोनों पढ़े-लिखे होते हैं और जिंदगी में कुछ नहीं कर रहे होते हैं। यश और गुड्डू शहर में चोरी की वारदात और सरकटे भूत का आतंक यानि खौफ छाया हुआ था। और यह दोनों घटनाएँ एक दूसरे से रिलेटेड थीं। सरकटे की अफवाह सुन के दोनों दोस्त खंडहर में जाने का प्लान करते हैं क्योंकि दोनों भूत जैसे अंधविश्वास को नहीं मानते थे। वहाँ जाके देखा तो बैंक में चोरी का लूटा हुआ धन छुपा मिला। उन दोनों ने पुलिस को कॉल किया और चोरों को पकड़वा दिया। चोर और कोई नहीं उनके पुराने दुश्मन गेंदा सेठ और उसका चम्मचा कालू निकले...अब दोनों नेशनल हीरो बन गए- खूब न्यूज में आने लगे मशहूर बन गए और ईनाम भी मिला। जीरो से हीरो बन गए। अभी तो बस शुरुआत है।