जिंदगी चल नए सफ़र पर एक किताब के रूप में मेरी जी गई जिंदगी के कुछ अनकहे अहसास हैं। इन एहसासों में जिंदगी कभी मुरझाए फूलों सी थी तो कभी खिली कलियों की दिलनशी सी थी। मैनें इन एहसासों को सीधे सरल अल्फाजों में पिरोकर और कड़ी दर कड़ी जोड़कर क़िताब के रूप में ये गुलदस्ता बनाया है। मैं उम्मीद करता हूं कि पढ़ने वालों को ये पसंद आएगा।शुक्रियाताज मोहम्मदलखनऊ