सुबोध कुमार बिहुनिया एक आधुनिक युग के कवि हैं जिन्होंने हमेशा इस व्यस्ततम ज़िंदगी के नये-नये अनछुए पहलुओं को स्पर्श करते हुए ज़िंदगी को एक मर्मस्पर्शी और धीरजता को बढ़ाने का हमेशा प्रयास किया है। अपनी पहली पुस्तक- ‘The Endless Journey of Love’ (बेइन्तिहा मोहब्बत) दूसरी पुस्तक –‘The feelings’ (जज़्बात) तीसरी पुस्तक- ‘लफ़्ज़ों के जे़वर’ चौथी पुस्तक- ‘मेरे साईं की चौखट’ के माध्यम से जीवन के बहुरूपी आयामों और भक्ति भाव से सराबोर करते हुए इन पुस्तकों में कविताओं लेख कहानियों और भक्तिमय भजनों के द्वारा पाठकों के हृदय को छुआ है। अब इस नयी पुस्तक ‘ज़िंदगी एक... खज़ान मेल...’ में भी पाठकों को पसंद आये ऐसी लेखनी का उदाहरण प्रस्तुत किया है।