निखिल गौर अभी अपने लेखन के कार्य के साथ कंप्यूटर साइंस से बी.टेक कर रहे है। उन्होंने अपनी इंजिनीरिंग की पढ़ाई को प्राथमिकता न देकर अपने दिल की सुनी और अपने आर्टिकल कवितायें और गीत लेखन को प्राथमिकता देकर बहुत से कवि सम्मेलन और लेखकों से सीखकर एक पुस्तक प्रकाशित करने का सपना देखा। और उन सभी लेखकों को उस पुस्तक में शामिल किया जो प्रतिभाशाली होकर भी अपने लेखन की प्रतिभा को लोगो तक नही पहुँचा पा रहे थे। इस प्रकार लेखक निखिल ने 18 की उम्र में ही 16 लेखकों के साथ मिलकर अपनी पहली पुस्तक जिंदगी एक सफर प्रकाशित करी और हर वर्ष इसी प्रकार से प्रतिभाशाली लेखको को मौका देकर पुस्तक प्रकाशित कर लोगों तक पहुंचाने का सपना साकार करना चाहते है। इससे पहले लेखक दो संकलित पुस्तकों का हिस्सा रह चुके है। वर्ष 2018 के अंत तक निखिल अपनी नावेल भी प्रकाशित कर लोगांे तक कुछ ज्ञानवर्द्धक के साथ-साथ मनोरंजक कथावस्तु पहुंचाना चाहते हैं। इससे पहले लेखक स्काउट गाइड एसोसिएशन का हिस्सा बनकर राज्यपाल पुरुस्कार से सम्मानित हो चुके हैं।